सितारों के विश्वास का अंधविश्वास

सितारों के विश्वास का अंधविश्वास

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-साक्षी त्रिपाठी-

हमारे सिनेमा के सितारे बहुत आधुनिक और प्रगतिशील माने जाते हैं, लेकिन हर किसी की जिंदगी में कोई न कोई बात ऐसी है, जिसकी वजह से वे अंधविश्वास में विश्वास करनेवाले भी माने जाते हैं। रणबीर कपूर की नई कार के नंबर के बहाने इस बार सितारों के अंधविश्वास की कहानी –
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जिंदगी भरोसे के सिवाय कुछ भी नहीं है। भरोसा यानी विश्वास। विश्वास की बिसात पर ही जिंदगी चलती है। जिंदगी में हर किसी को किसी न किसी पर विश्वास करना ही पड़ता है। किसी को खुद के किए पर विश्वास है, तो कोई अपने हर काम में भगवान पर विश्वास करता है। हमारे सितारे भी विश्वास करते हैं। ज्यादातर को अपने अभिनय पर विश्वास है, तो कुछ वक्त की बिसात के विश्वास पर जिंदा हैं। क्योंकि जीवन में या तो विश्वास है या अविश्वास। हमारे कुछ सितारे अंधविश्वास में भी विश्वास रखते हैं। या इसे थोड़ा अच्छे में कहना हो, तो यूं भी कह लीजिए कि हमारे कुछ सितारे जिन बातों में विश्वास करते हैं, उसे बाकी दुनिया अंधविश्वास मानती है। भारतीय सिनेमा में सफलता के शिखर पर बैठे हमारे सितारों को करीब से देखें, तो ऐसा लगेगा कि उनकी किस्मत और वहम का कहीं तो कोई बहुत गहरा रिश्ता है ! रणबीर कपूर ने हाल ही में नई कार खरीदी, तो उसके नंबर का कुल आंकड़ा पुरानी कारों के कुल जोड़ की तरह 8 ही है। रणबीर की हर गाड़ी का नंबर 8 ही है। वैसे, 8 का यह अंक उनकी माता नीतूसिंह की जन्म तारीख है, लेकिन वे मानते हैं कि यही अंक उनके लिए शुभ है। कुछ लोग इसे रणबीर कपूर का अंधविश्वास मानते हैं, लेकिन उनको इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
लेकिन, रणबीर कपूर ही क्यों, हमारे हिंदुस्तान के सबसे बड़े सितारे के रूप में चमकनेवाले अमिताभ बच्चन हो या फिर अक्षय कुमार, अजय देवगन हो या रितिक रोशन। शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान की भी बात करें या रणबीर सिंह और संजय दत्त की। और सिर्फ हीरो ही नहीं हमारी हीरोइनों में भी विद्या बालन, बिपाशा बसु, कैटरीना कैफ की बात करें या प्रोड्य़ूसर एकता कपूर की, सारे के सारे किसी न किसी रूप में किसी ऐसी बात में विश्वास करते हैं, जिसे दुनिया अंध विश्वास मानती हैं। एकता कपूर के तो अब तक के कई सारे सीरियल अंग्रेजी के के अक्षर से शुरू होते रहे हैं, वही उनके लिए बहुत शुभ भी साबित हुआ हैं। शाहरुख खान को 555 से बहुत प्यार है। ख़ुद को हमारे सिनेमा के संसार का ‘बादशाह’ मानने वाले सुपर स्टार शाहरुख़ ख़ान अपनी गाड़ियों का नंबर 555 ही लेना चाहते हैं। भले ही इस नंबर के लिए उन्हें कोई भी कीमत चुकानी पड़े वे हर हाल में 555 नंबर ही पसंद करते हैं। पता कर लीजिए, उनके साथियों, सहयोगियों और सहकर्मियों के मोबाइल नंबर में भी 555 जरूर मिलेगा।
हमारे सिनेमा के सबसे ऊंचे शिखर पर बिराजमान सबसे सम्मानित अभिनेता अमिताभ बच्चन को क्रिकेट बहुत पसंद है, लेकिन उनके पास वक्त की बहुत कमी है। फिर भी अगर वक्त मिल जाए और क्रिकेट का मैच चल रहा हो, तो वे उसे लाइव देखने से बचते हैं। वे मानते हैं कि वे भारतीय टीम को पसंद करते हैं, लेकिन वही टीम उनके लाइव देखने पर मैच हारती रही है। अमिताभ बच्चन लंबे समय से अपने हाथ की अंगुलियों में अंगूठियां भी पहनते हैं। वे मानते हैं कि इनके पहनने के बाद से उनका सितारा बुलंदी पर है। सलमान खान भले ही बहुत सफलतम कलाकारों में आज सबसे ऊपर गिने जाते हैं, लेकिन उनकी जिंदगी में भी बहुत उतार चढ़ाव रहे हैं। मगर, जब से उनके पिता सलीम खान ने उन्हें फिरोजी रंग का एक चांदी का ब्रैसलेट पहनाया, तबसे वे सफलता की जिस राह पर सबसे आगे हैं, उनके सितारे उनसे भी ज्यादा आगे जाकर उनके लिए खड़े होते देखे गए हैं। बाद में तो खैर, यही ब्रैसलेट नई पीढ़ी के लिए एक फैशन के रूप में घर घर भी पहुंच गया। आमिर खान के अंधविश्वास के बारे में कोई बहुत ज्यादा जानकारी तो नहीं लेकिन इतना जरूर है कि वे क्रिसमस को अपने लिए लकी मानते हैं, इसीलिए अपनी फिल्म वे इसी दिन रिलीज करते हैं।
नेशनल अवॉर्ड विजेता अक्षय कुमार अपनी फिल्म की रिलीज के समय विदेश पर चले जाते हैं। वे प्रीमियर में भी मौजूद नहीं रहते। अक्षय मानते रहे हैं कि फिल्म रिलीज हो, उस वक्त जब वे विदेश में रहते हैं, तो उनकी फिल्म सुपर हिट होती है। अक्षय कुमार की तरह ही दूसरे नेशनल अवॉर्ड विजेता अजय देवगन भी किसी एक विश्वास में कुछ ज्यादा ही विश्वास करते हैं। वे अपनी हर फिल्म के रिलीज से पहले अमृतसर जाकर स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकना नहीं भूलते। वे मानते हैं कि इससे उनकी फिल्म घाटे का सौदा नहीं होती। रणबीर सिंह के पांव में आप कभी काला धागा बंधा हुआ देख सकते हैं। रणबीर सिंह मानते हैं कि वे अकसर बीमार रहते थे, और जब से उनकी मां ने यह धागा बांधा है, तब से वे बीमार नहीं होते। संजय दत्त की हर गाड़ी का नंबर 4545 होता है और बम कांड में हथियार रखने के आरोप में जब भी वे कोर्ट में पेश होने जाते थे, तो आसमानी रंग की शर्ट पहनकर ही जाया करते थे। जन्म से ही रितिक रोशन के हाथ में दो अंगूठे हैं। वे चाहते तो, एक अंगूठे को ऑपरेशन के जरिए अलग करा सकते थे, लेकिन वे इस अपने इस अतिरिक्त अंगूठे को अपने लिए लकी मानते हैं।
आज की सबसे सफल हीरोइन विद्या बालन के पास पाकिस्तान का कोई काजल है, वही हर दिन अपनी आंखों में डालकर घर से निकलती है। विद्या मानती है कि बिना वह काजल डाले, जब – जब भी वह घर से निकली है, तो उनके साथ कुछ न कुछ जरूर अशुभ हुआ है। कटरीना कैफ अपनी हर फिल्म की रिलीज से पहले सफलता की मन्नत मांगने के लिए राजस्थान में अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जरूर जाती है। तो, बिपाशा बसु अपनी हर गाड़ी में निंबू-मिर्च और कोयला जरूर बांधे रखती है। बिपाशा मानती है कि ये टोटका उन्हें बुरी नजरों से बचाता है और दर्घटनाओं और बुरी आत्माओं से बचाव करती है। दरअसल, जिंदगी आखिर जिंदगी है। उसे सफलता के मुकाम पर पहुंचाने के लिए कहीं न कहीं तो विश्वास करना ही पड़ता है। लेकिन किसी खास बात, किसी विशेष काम, किसी स्पेशल जगह या कपड़ों के किसी विश्ष्ट रंग या आंकड़ों में विश्वास करने को अंधविश्वास कहा जाए, तो भी इसमें उनको कोई बुराई नहीं लगती। क्योंकि उनका विश्वास है कि आखिर यही विश्वास उनके जीवन में सफलता का संसार रचने में सबसे विश्वसनीय साथी रहा है।

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