दिसंबर तक 70 का स्तर छू सकता है रुपया, जानिए स्टॉक्स पर...

दिसंबर तक 70 का स्तर छू सकता है रुपया, जानिए स्टॉक्स पर क्या होगा असर

139
0
SHARE
नई दिल्ली।शुक्रवार के कारोबार में घरेलू स्टॉक मार्केट तेज बढ़त के साथ बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा बढ़त एक्सपोर्ट बेस्ड स्टॉक्स में रही। रुपए में गिरावट से इन कंपनियों के मार्जिन सुधरने की उम्मीद है। जिसके बाद स्टॉक्स में तेजी रही है। रुपए में गिरावट से कई सेक्टर को फायदा होने की उम्मीद है हालांकि कई सेक्टर ऐसे भी हैं जिनपर दबाव रह सकता है।
एक महीने में 2.3 फीसदी गिरा रुपया
डॉलर के मुकाबले रुपए में लगातार गिरावट बनी हुई है। पिछले एक महीने में रुपया डॉलर के मुकाबले 2.3 फीसदी गिर चुका है। रुपया इस दौरान 66.84 प्रति डॉलर के स्तर से गिरकर 68.42 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। रुपए में गिरावट अमेरिका में ट्रंप की जीत के बाद से बढ़ी है। 26 अक्टूबर से लेकर 7 नवंबर के बीच डॉलर के मुकाबले रुपया 66.84 से लेकर 66.21 के स्तर के बीच ही रहा। हालांकि इसके बाद रुपए में तेज  गिरावट देखने को मिली है। पिछले दो हफ्ते में डॉलर के मुकाबले रुपया अपने निचले स्तर से 3.3 फीसदी टूट चुका है।
70 के स्तर तक छू सकता है डॉलर
ट्रस्टलाइन के करंसी एनालिस्ट गौरव गुप्ता के मुताबिक डॉलर में मजबूती की वजह से घरेलू करंसी पर दबाव बढ़ गया है। जिसकी वजह से रुपए में रिकॉर्ड गिरावट देखने को मिली। गौरव गुप्ता के मुताबिक दिसंबर के महीने में कई ऐसे फैक्टर हैं जिनकी वजह से रुपए पर दबाव और बढ़ सकता है। गौरव गुप्ता ने अनुमान दिया है कि दिसंबर के अंत तक डॉलर के मुकाबले रुपया 70 के स्तर को छू सकता है। हालांकि उन्होने कहा कि मध्यम अवधि में बेहतर संकेतों को देखते हुए रुपए में एक सीमा से ज्यादा दबाव देखने को नहीं मिलेगा।
दिसंबर में बढ़ सकता है रुपए पर दबाव
मार्केट का अनुमान है कि दिसंबर के महीने में फेडरल रिजर्व दरों में बढ़ोत्तरी करेगा। हालांकि मार्केट की नजर इस बात पर है कि बढ़ोत्तरी कितनी तेज रह सकती है। अगर फेड दरों में बढ़ोत्तरी मार्केट के अनुमानों से तेज रखता है तो डॉलर में उछाल देखने को मिलेगा। जिसका निगेटिव असर रुपए की चाल पर देखने को मिल सकता है और रुपए में आगे गिरावट बढ़ सकती है।
इसके अलावा मार्केट की नजर अमेरिका में ट्रंप की नीतियों पर भी रहेगी। दिसंबर के महीने में अमेरिकी नीतियों पर ठोस संकेत मिल सकते हैं। अगर ट्रंप कॉर्पोरेट टैक्स को घटाने और इंफ्रा सेक्टर में खर्च को बढ़ाने की अपनी नीतियों पर तेजी से आगे बढ़ने के संकेत देते हैं तो विदेशी निवेशकों का घरेलू मार्केट से आउटफ्लो काफी तेज हो सकता है। इसका भी रुपए पर निगेटिव असर पड़ना तय है।

LEAVE A REPLY