नाइक ने खेला ‘विक्टिम कार्ड’, NGO पर बैन को बताया ‘सांप्रदायिक’

नाइक ने खेला ‘विक्टिम कार्ड’, NGO पर बैन को बताया ‘सांप्रदायिक’

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मुंबई : एजेंसी। विवादित इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक ने अपने एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेंशन पर लगे बैन का विरोध किया है। उन्होंने बैन को सांप्रदायिक फैसला बताया है। नाइक के प्रवक्ता ने उनका पत्र जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि किसी एजेंसी ने उनसे पूछताछ तक नहीं की और IRF पर बैन लगा दिया गया। एक सूत्र ने बताया कि नाइक ने इस पत्र को किसी अफ्रीकी देश से जारी किया है।

नाइक ने पत्र में लिखा है, ‘मुझसे एक बार भी पूछताछ नहीं हुई और न ही मुझे अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। उनका अजेंडा खुला और साफ-साफ है; किसी भी तरह मुझे फंसाना।’ खुद को पीड़ित की तरह पेश करते हुए नाइक ने आरोप लगाया कि सरकार ने देश का मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए IRF पर बैन लगाया है। नाइक ने लिखा है, ‘IRF पर बैन लगाने का फैसला तब लिया गया जब नोटबंदी की वजह से पूरा देश कैश की किल्लत से जूझ रहा था। मुझे हैरानी नहीं होगी कि इस बैन को असल मुद्दों से मीडिया का ध्यान भटकाने के लिए लगाया गया हो।’

हाल ही में सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां (निवारक) कानून के तहत नाइक के एनजीओ IRF पर प्रतिबंध लगाया है। इस्लामिक इंटरनैशल स्कूल के खातों को फ्रीज कर दिया गया है। NIA ने भी बैंकों से नाइक और IRF से जुड़ी सभी कंपनियों के खातों से लेन-देन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
इससे पहले 10 सितंबर को भी जाकिर नाइक ने एक खत जारी किया था और खुद को पीड़ित बताया था। उस खत में उसने लिखा था कि IRF पर कार्रवाई भारतीय मुस्लिमों के खिलाफ कार्रवाई है।

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